पटना 16 दिसम्बर, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने ‘असहिष्णुता’ को व्यापक शब्द बताया और कहा कि इसके लिए किसी सरकार को जिम्मेवार ठहराना सही नहीं है। श्री मांझी ने आज यहां कहा कि असहिष्णुता एक व्यापक शब्द है, इसे किसी खास वर्ग से जोड़कर देखना सही नहीं है। हमारे देश में विभिन्न धर्म, भाषा, क्षेत्र, लिंग, विचाराधारा के लोग रहते हैं। इन विविधताओँ के बीच हमारे देश में एकता और सद्भाव है। इसके बावजूद कई मौकों पर असहिष्णुता की बात आती है, तो ये कोई नया मामला नहीं है और ऐसी परिस्थितियों के लिये सरकार नहीं, समाज जिम्मेदार है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में असहिष्णुता का माहौल होना कोई नई बात नहीं है। ये सदियों से रहा है लेकिन
इसे किसी धर्म से जोड़ कर देश का माहौल खराब करना और इस मुद्दे पर राजनीति करना जायज नहीं है। देश में दलितों के नरसंहार होते हैं, आरोपी बरी भी हो जाते हैं। महिलाओं के साथ बलात्कार होता है और लड़कियों से छेड़खानी की जाती है, तो क्या ये असहिष्णुता नहीं हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि दलित, आदिवासी और महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार क्या सहिष्णु हैं।
श्री मांझी ने जोर देकर कहा कि किसी भी धर्म, भाषा, क्षेत्र, लिंग, विचाराधारा वाले लोगों से भेद-भाव नहीं करना चाहिये। न ही उसकी स्वतंत्रता में खलल डालनी चाहिये क्योंकि विविधताओं में एकता ही इस देश की खूबसूरती हैं। उन्होंने कहा कि असहिष्णुता की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए हमें मानसिकता बदलनी होगी तभी हम सामाजिक समरसता स्थापित कर सकेंगे।