पटना 16 दिसम्बर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी पंचायतों का बैंक खाता तत्काल खुलवाने का निर्देश दिया है ताकि राज्य स्तर से सीधे उनमें राशि इलेक्ट्रानिक ट्रांसफर की जा सके । श्री कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में पंचायती राज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थानों के क्षमतावर्द्धन के लिये पदाधिकारियों, कर्मियों एवं तकनीकी कर्मियों की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई प्रारंभ करने और पंचायतों की राशि के उपयोग के लिये आगामी पांच वर्षों की योजना और वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्देश दिया । मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों के माध्यम से विभिन्न विभागों की जो योजनायें क्रियान्वित की जाती है, उनमें समन्वय स्थापित करने के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय समूह गठित किया जाये । उन्होंने इसके साथ ही मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के सचिवों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित करने का भी निर्देश दिया ।
बैठक के बाद प्रधान सचिव पंचायती राज सुधीर कुमार राकेश ने बताया कि बैठक में यह निर्णय हुआ कि विश्व बैंक की सहायता से चल रही बिहार पंचायत सुदृढ़ीकरण परियोजना को तत्काल गतिशील बनाया जायेगा और पंचायत सरकार भवनों का निर्माण तीव्र गति से कराने के लिए राशि की व्यवस्था की जायेगी । उन्होंने बताया कि बैठक में यह भी निर्णय हुआ सभी ग्रामों एवं उनमें अवस्थित सभी टोलों में बारहमासी सड़क, गली और नाली के निर्माण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर में पाइप के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पंचायत भी अपनी सहभागिता प्रदान करेंगे । मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रधान सचिव पंचायती राज विभाग को निर्देश दिया कि जो पंचायत सरकार भवन बन गये हैं, उन्हें सुसज्जित एवं कम्प्यूटरीकृत कर वहां से पंचायत सरकार के कार्यों का संचालन प्रारंभ किया जाये । पंचायती राज विभाग में पदाधिकारियों एवं कर्मियों की कमियों को शीघ्र पूरा करने के लिए वे प्रस्ताव दें और नियमावली तुरंत बनायें।
बैठक में पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा,
प्रधान सचिव सचिव पंचायती राज सुधीर कुमार राकेश, प्रधान सचिव वित रवि मितल, मुख्यमंत्री के सचिव चंचल
कुमार, अतीश चन्द्रा और निदेशक पंचायती राज समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।