प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के आतंकवाद से लड़ने के दावे की बखिया उधेड़ते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि संप्रग सरकार की तुलना में राजग शासनकाल के दौरान देश में लोग सबसे ज्यादा आतंकवाद के शिकार हुए।
बिहार के गोपालगंज संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस एवं राजद की संयुक्त प्रत्याशी ज्योति के पक्ष में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों में फर्क यह है कि कांग्रेस कहती है भारत सबका है बाकी सब पार्टियां कहती हैं कि हिंदुस्तान किसी ना किसी का (कुछ खास लोगों का) है, बाकी लोगों का नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग की सरकार ने अपने पिछले दस वर्ष के शासनकाल के दौरान गरीबों, कमजोर लोगों, दलित, आदिवासी भाईयों और महिलाओं के साथ सभी धर्म के लोगों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है। राहुल ने कहा कि उससे पहले केंद्र में भाजपा नीत राजग की सरकार थी। राजग सरकार के कार्यकाल के दौरान बिजली एवं पानी की किल्लत थी, किसान मर रहे थे, मजदूरों के पास रोजगार नहीं था और आदिवासियों के पास जमीन नहीं थी तथा उसने इंडिया शाईनिंग का नारा दिया था।
प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए राहुल ने कहा कि वह आजकल कहते हैं कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हैं। उन्होंने कहा कि राजग के पांच साल के शासनकाल के दौरान 22 हजार लोग आतंकवाद के शिकार हुए जबकि संप्रग के दस सालों के शासनकाल के दौरान 800 लोग आतंकवाद से मरे फिर भी वे कहते हैं कि वह आतंकवाद से लड़ते हैं।