नयी दिल्ली,14 दिसंबर, शकूर बस्ती में झुग्गियां हटाने के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और रेलवे को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है, न्यायालय ने पूछा है कि ऐसा करने से पहले सरकार, पुलिस और रेलवे ने अपने स्तर पर क्या इंतजाम और प्रयास किया, इसका विस्तृत ब्यौरा सौंपे। अदालत ने यह भी कहा कि यह पूरी प्रक्रिया बेहद अमानवीय है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अब बिना पुनर्वास के किसी और बस्ती या झुग्गी को नहीं तोड़ा जाएगा।
शकूर बस्ती में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर श्री केजरीवाल पहले ही रेलवे और केंद्र सरकार पर अमानवीय रुख अपनाने का आरोप लगा चुके हैं। इस दौरान छह माह की एक बच्ची की मौत हो गई। जिसके बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि रेलवे पर यह गलत आरोप लगाया जा रहा है कि उसकी कार्रवाई के दौरान बच्ची की मौत हुई। सच यह है कि बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी। श्री सुरेश प्रभु ने इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस मामले में श्री केजरीवाल से बात करेंगे। रेल मंत्री ने कहा है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान वहां पुलिस मौजूद थी ।अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अचानक नहीं की गई थी। इसके लिए कई बार नोटिस दिया जा चुका था।